बाइबल के वचन

पापों से मुक्ति

हमारा पाप हमें परमेश्वर से अलग करता है, और इसका अर्थ यह है कि जब हम मर जाते हैं तो हम स्वर्ग में परमेश्वर के साथ नहीं रह सकते। यीशु ने हमारे पाप की सजा कबूल कर ली और वह क्रूस पर मर गया। जब हम यीशु पर विश्वास करते हैं, तो हम पाप कि सज़ा से बच जाते हैं और हमें अनंत जीवन मिलता है। (प्रेरितों 4:12, इफिसियों 2:8).

 

विश्वास

परमेश्वर पर भरोसा और विश्वास, किसी वस्तु पर विश्वास करना, भले ही हम उसे देख न सकें (इब्रानियों 11:1).

 

कृपा

भले ही हम परमेश्वर से सजा पाने के लायक हैं, वह हमसे प्यार करता है और हमें क्षमा और चंगाई देता है। (रोमियों 5:8).

 

पाप

परमेश्वर, दूसरों या स्वयं के खिलाफ कोई भी गलत विचार, शब्द या कार्य। (रोमियों 3:23, 6:23).

 

पछतावा

स्वयं के रास्तों को छोड़कर परमेश्वर के रस्ते पर चलना, हमारी सोच और व्यवहार को बदलना। (2 कुरिन्थियों 7:9-10).

 

धार्मिक

परमेश्वर के साथ सही होना, परमेश्वर के साथ एक अच्छा रिश्ता होना। (रोमियों 3:22, याकूब 2:23).

 

प्रार्थना

परमेश्वर के साथ बातचीत। (मत्ती 6:5-13, 1 थिस्सलुनीकियों 5:17).

 

जल बपतिस्मा

पानी में डुबकी लगा कर बाहर आना, आपके आंतरिक परिवर्तन का सार्वजनिक चिन्ह है, यीशु पर विश्वास करने और मसीही बनने का व्यक्तिगत परिवर्तन का चिन्ह। (प्रेरितों 2:38, Romans 6:3-4).

 

कलीसिया

लोग एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने और परमेश्वर की स्तुति के लिए एक साथ मिलते हैं (मत्ती 18:20, इब्रानियों 10:25).

 

ट्रिनिटी

तीन-एक की एकता। परमेश्वर केवल एक है। परमेश्वर के तीन अलग-अलग व्यक्ति हैं: पिता; पुत्र (यीशु); और पवित्र आत्मा। (मत्ती 28:19).

 

पुनरुत्थान

यीशु के मारे जाने के तीन दिन बाद वह फिर से जीवित हो गया। (मरकुस 16:1-8, 1 कुरिन्थियों 15:12-32).

 

ईस्टर

आमतौर पर मार्च या अप्रैल में मनाया जाता है, ईस्टर यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान का उत्सव और स्मरण है कि उस पुनरुत्थान से हमने क्या हासिल किया। (मत्ती 26:1-28).

 

क्रिसमस

25 दिसंबर, जब हम यीशु मसीह के जन्म का जश्न मनाते हैं, और यह कि परमेश्वर हमारे जैसे मनुष्य बन कर आये। (लूकस 1:26-80, 2:1-40).

 

मसीही

यीशु मसीह का अनुयायी (1 कुरिन्थियों 11:1).

 

मसीह का प्रचार

यीशु के बारे में खुशखबरी बयां करना और उसने हमारे लिए जो कुछ किया वह औरों के साथ बाटना।