Communion

Communion is also referred to in the bible as, The Lord’s Supper, Breaking Bread, and Giving Thanks. The picture is that of a simple shared meal. This was a time of being thankful, receiving healing, receiving forgiveness, and forgiving others through remembering Jesus’ work on the cross. What Is Communion? Do you think Jesus would like to have a meal …

दसवां भाग देना

हमारी स्थानीय कलीसिया का निर्माण और हमारे जीवन के लिए आशीष दशमांश हमारी आय का पहला 10% परमेश्वर को उनके कलीसिया के माध्यम से देने का एक ईश्वरीय सिद्धांत है, जिसे परमेश्वर ने समय की शुरुआत से निर्धारित किया है।   जब हम दशमांश देते हैं तो हम परमेश्वर को अपने सभी संपत्ति में पहले स्थान पर रखते हैं। हमारे …

खोये हुओं तक पहुंचना

परमेश्वर की प्राथमिकता! खोए हुए लोग परमेश्वर की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। परमेश्वर चाहता है कि हर एक खोये हुआ व्यक्ति पाया जाये और और उसके साथ उनका रिश्ता हो। यीशु पृथ्वी पर “खोए हुए” लोगों (हम सब) को बचाने के लिए आया था और वह हमें इस महान उद्देश्य में उसके साथ भागीदार बनाना चाहता है। खोयी हुई भेड़ और …

आराधना

एक शक्तिशाली आशीष आराधना सिर्फ रविवार के दिन गीत गाना नहीं है। आराधना शक्तिशाली है, यह आपके जीवन को आशीष से भर सकती है और जीवन बदल सकती है। यह परमेश्वर के लोगों का एक साथ इकट्ठा होने का उत्सव है। हर एक मसीही के लिए आराधना जीवन का एक तरीका होना चाहिए। आराधना परमेश्वर के बारे में है हम …

परमेश्वर के वचन का पालन करना

विकास की कुंजी आज्ञाकारिता यीशु के अनुयायी के रूप में बढ़ने का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह परमेश्वर के प्रति हमारे आभार और प्रेम को दर्शाता है और हमारे जीवन में स्वतंत्रता और आशीष लाता है। आज्ञाकारिता का महत्व पालन ​​करने का क्या मतलब है? यीशु आज्ञाकारिता पर सिखाता है परमेश्वर के वचन का पालन करना क्यों महत्वपूर्ण है? जब …

परमेश्वर को पहला स्थान देना

परमेश्वर के लिए अपने जीवन को अर्पण करना अपने आप को अर्पण करने का मतलब है एक विशेष उद्देश्य के लिए “पवित्र होना” या “अलग होना” परमेश्वर के लिए अलग से जीवन जीने से ज्यादा लाभप्रद कुछ नहीं है। परमेश्वर को पहला स्थान देना और हर दिन अपने दिल में परमेश्वर की योजना के साथ जीने से हमारे जीवन को …

क्षमा = “जाने दो”

दूसरों को रिहा करना जब हम कुछ गलत करते हैं तो हम परमेश्वर से या अन्य लोगों से माफ़ी मांग लेते हैं। लेकिन, जब कोई हमारे खिलाफ कुछ गलत करता है तो हम क्या करते हैं? बाइबल में “माफी” शब्द का अर्थ है “रिहा करना” या बस “जाने दो।” जीवन में, अपराधों के लिए माफ़ी प्राप्त करना बहुत कठिन है। …

शत्रु से लड़ना

विजय के लिए रणनीतियाँ हमारा शत्रु, शैतान हमें परमेश्वर के वचन पर संदेह करके हमें हतोत्साहित करना चाहता है। हमें यह हमेशा ध्यान रखना होगा कि हमारा दुश्मन पहले ही यीशु से हार चुका है और हमारे ऊपर उसकी कोई शक्ति प्रबल नहीं है। हालांकि, हमें उसकी योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और कुछ रणनीतियों का उपयोग करने की आवश्यकता …

परख, परीक्षा और प्रलोभन

बढ़ते दर्द परीक्षा हमें दिखाते हैं कि हम किस चीज से बने हैं। वे हमारी ताकत और कमजोरियों को उजागर करते हैं। लेकिन परमेश्वर हमारी परीक्षा और प्रलोभन मे हमारे साथ है, उन क्षेत्रों मे जहाँ हम कमज़ोर थे या हमे बढ़ने की ज़रुरत थी परमेश्वर हमें मजबूत बनाता है। परमेश्‍वर चाहता है कि हम बेहतर बनें और जीवन कि …

अब्राहम

विश्वास का मार्ग अब्राहम को “विश्वास के पिता” के रूप में जाना जाता है। उसने महान चीजों को केवल इसलिए हासिल किया क्योंकि उसने परमेश्वर के कहे पर विश्वास किया। परमेश्वर अब्राहम के विश्वास से प्रसन्न था। और परमेश्वर ने अब्राहम और उसके वंशजों को आशीष दिया। यीशु पर विश्वास करके हम भी अब्राहम के वंशज बन गए हैं और …