क्षमा = “जाने दो”

दूसरों को रिहा करना

जब हम कुछ गलत करते हैं तो हम परमेश्वर से या अन्य लोगों से माफ़ी मांग लेते हैं। लेकिन, जब कोई हमारे खिलाफ कुछ गलत करता है तो हम क्या करते हैं? बाइबल में “माफी” शब्द का अर्थ है “रिहा करना” या बस “जाने दो।” जीवन में, अपराधों के लिए माफ़ी प्राप्त करना बहुत कठिन है। इस दौरान नाराज़गी और चोटों का उभरना स्वाभाविक है, लेकिन स्वस्थ रिश्ते रखने के लिए भले ही लोग हमसे माफी न मांगें, उस चीज़ को “जाने देने,” की जरूरत है। बाइबल हमें दूसरों को क्षमा करना सिखाती है। उसी तरह, जैसे हमने परमेश्वर से क्षमा प्राप्त की है।

दूसरों को क्षमा करने के बारे में यीशु की कहानी

आपके विचार मे पतरस ने यीशु से यह सवाल क्यों पूछा?

राजा ने उस आदमी का कर्ज क्यों माफ किया?

उस आदमी ने जो किया, उसमें क्या गलत था?

यीशु पतरस को क्या सिखाने कि कोशिश कर रहा था?

हमें दूसरों को क्यों माफ करना चाहिए?

परमेश्वर का हमें क्षमा करना और हमें दूसरों को क्षमा करने के बीच क्या संबंध है?

हमें कभी दूसरों का न्याय क्यों नहीं करना चाहिए और क्यों बदला नही लेना चाहिए?

हम यीशु के उदाहरण का अनुसरण कैसे कर सकते हैं?

जाने दो

क्षमा ना करना हमारे अपने जीवन को कैसे प्रभावित या सीमित करती है?

ऐसी कौन सी चीजें हैं जिन्हें हम “पकड़” लेते हैं, जबकि हमे उन्हें जाने देना चाहिए?

यह वचन हमें दूसरे लोगों को माफ करने में कैसे मदद कर सकता है?

दोस्त से पूछें

  • क्या आप किसी को माफ करने की कहानी हमे बता सकते हैं?
  • आपने उस व्यक्ति को क्यों और कैसे क्षमा किया?
  • ऐसा करने से आपकी कैसे मदद हुई?

आवेदन

  • हम किसी को कैसे क्षमा करते हैं?
  • हमें अपनी सोच और अपने कार्यों को बदलने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
  • प्रार्थना करें और परमेश्वर से मांग करें कि आपको जितनी बार भी ज़रूरत हो माफ करने में मदद करें।

मॉडल प्रार्थना

प्रभु यीशु, मुझे क्षमा करने के लिए धन्यवाद। और अब, मैं उन सबको क्षमा करता हूं जिन्होंने मुझे चोट पहुंचाई है। कृपया उन लोगों को आशीष देने में मेरी मदद करें। मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि आप मेरे दिल को चंगा करते हैं और मुझे किसी भी चोट या कड़वाहट से मुक्त करते हैं।

प्रमुख पध