यौन पवित्रता

स्त्री पुरुष का सम्बन्ध इतना शक्तिशाली है कि परमेश्वर हमें यौन अनैतिकता के बारे में चेतावनी देते हैं

 

“यौन अनैतिकता” ग्रीक शब्द “पोर्नियो” का अंग्रेजी अनुवाद है, जिसका उपयोग नए नियम की मूल भाषा में किया गया है। “पोर्नियो” विवाह से बाहर सभी प्रकार की यौन गतिविधियों को संदर्भित करता है। इन वचनों मे स्त्री पुरुष के सम्बन्ध को एक गोंद के सामान बताया गया है, जो एक जोड़े को इतनी दृढ़ता से एकजुट करता है कि वे “एक” बन जाते हैं। स्त्री पुरुष का सम्बन्ध सभी स्तरों पर अंतरंगता पैदा करता है; यही कारण है कि हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए। इसलिए परमेश्वर चाहते हैं कि हम सावधान रहें और केवल उसी से जुड़ें जिससे हम शादीशुदा हैं।

ये कानून/आज्ञाएँ क्यों हैं और हम परमेश्वर की इन आवश्यकताओं को कैसे पूरा करते हैं?

व्यभिचार का अर्थ है दो लोगों के बीच स्त्री पुरुष का सम्बन्ध जहां एक या दोनों पहले से ही विवाहित हैं।

व्यभिचार क्यों गलत है?

यौन अनैतिकता के परिणाम क्या हैं?

 

यौन अनैतिकता के अन्य नकारात्मक परिणाम

-शारीरिक रूप से अन्य (लोगों) और अपने आप को चोट पहुंचाना – यौन संचारित रोग – प्रभाव कई हैं, स्थायी और गंभीर. क्लैमाइडिया बाँझपन का कारण बन सकता है। यौन संचारित रोग सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है।

– अतीत की चोटों के कारण भावनात्मक रूप से किसी पर भरोसा या प्यार करने में असमर्थ

– अनचाही गर्भावस्था और गर्भपात (गर्भपात के कारण बाँझपन)

– ग्लानि और शर्म महसूस करना

स्त्री पुरुष के सम्बन्ध के बारे में गलत सोचना

– गलत सोच, “वासना और अश्‍लील चलचित्र ठीक हैं।” (मत्ती 5:28)

 

– गलत सोच, “कुछ भी हो जाता है” (कोई जिम्मेदारी नहीं) (नीतिवचन 15:10)

 

– गलत सोच, “यौन सम्बन्ध वास्तविकता से बचने के लिए है” (अलगाव) (नीतिवचन 14:27)

 

– गलत सोच, “यह तो हर कोई कर रहा है।” (रोमियों 12:2)

 

– गलत सोच, “प्रतिबद्धता बनाने से पहले टेस्ट ड्राइव करें।” (नीतिवचन 26:18-19)

 

-गलत सोच, “शादी से पहले यौन सम्बन्ध बनाना ठीक है क्योंकि मैं उसी से शादी करूंगा / करूंगी।”

 

– गलत सोच, “अगर मैं शादी से पहले यौन सम्बन्ध बनाने के लिए ‘नहीं’ कहूंगा, तो मेरी प्रेमिका / प्रेमी मुझे छोड़ देगा।” (नीतिवचन 11:22)

 

– गलत सोच, “स्थिति (सहकर्मी दबाव) के लिए अपना कौमार्य खोना ठीक है।” (नीतिवचन 16:17)

 

– गलत सोच, “पैसे, उपहार, या सुविधा के लिए यौन सम्बन्ध बनाना ठीक है।” (नीतिवचन 5:16-18)

 

-गलत सोच, “मेरी यौन पहचान – मैं इसी तरह पैदा हुआ था; मैं एक नशेड़ी हूं।” (नीतिवचन 15:10)

 

– डेट बलात्कार- गलत सोच, “वह यह चाहती थी इसलिए वह मेरे साथ डेट पर गई थी।” (नीतिवचन 14:22)

 

परमेश्वर हमारे शरीर की परवाह क्यों करता है?

 

जैसा कि आप ऊपर दी गई सूचियों से देख सकते हैं, ऐसे कई कारण हैं कि परमेश्वर चाहता है कि हम अपनी कामुकता की रक्षा करें। लेकिन आज के समाज में लोगों पर शादी से पहले अपना कौमार्य छोड़ने का दबाव है। जो लोग जीवन में बाद में मसीही बने, वे शादी और यौन सम्बन्ध के लिए परमेश्वर कि योजना को नहीं जानते थे। बहुत से लड़के और लड़कियां अश्‍लील साहित्य देखते होंगे या शादी से बाहर यौन सक्रिय रहे होंगे और उन्हें यह सामान्य बात लगती होगी। शायद यह आपके जीवन का वर्णन करता है। शायद आप शादी के पहले से ही परमेश्वर का उपहार खोलने का पछतावा कर रहे हैं। शायद गलत सोच और गलत फैसलों की वजह से आप शादी को लेकर शर्म और डर महसूस कर रहे हैं।

यदि आपने पहले ही गलतियाँ की हैं तो अब आप क्या कर सकते हैं?

(नोट – यदि आपके साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया है, तो यह आपकी गलती नहीं है, लेकिन आप परमेश्वर से आपको शुद्ध करने के लिए कह सकते हैं। यह आपको उन अगुओं से निजी तौर पर बात करने में मदद करेगा जिन पर आप भरोसा करते हैं)।

परमेश्वर की पवित्रता

परमेश्वर हमें पवित्रता कैसे प्रदान करता है?

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क्या आपने कभी परमेश्वर से पूछा है कि वह आपको यौन रूप से शुद्ध रहने में मदद करें?

आप अपने जीवन में यौन शुद्धता को कैसे प्राथमिकता दे सकते हैं?

मॉडल प्रार्थना

परमेश्वर, स्त्री पुरुष के सम्बन्ध के महान उपहार के लिए आपका धन्यवाद। मुझे इस उपहार को संजोने में मदद करें, और इसे शादी के लिए सुरक्षित रखें। मैं अपना शरीर और अपनी कामुकता आपके हाथ मे सौंप देता हूँ। मुझे आपके तरीकों से जीने में मदद करें।

प्रमुख पध